जब इंसान मरने लगे और इंसानियत मौन हो जाए – Alif News الف نیوز : مدیرِ اعلٰی: سیّد اکبر زاہد

जब इंसान मरने लगे और इंसानियत मौन हो जाए

संपादकीय अलिफ़ न्यूज़

अलिफ़ अलफ़ानमी

इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियाँ तब शुरू नहीं होतीं जब बम गिरते हैं; वे तब शुरू होती हैं जब मनुष्य का हृदय मौन हो जाता है।

आज मानवता विज्ञान और तकनीक की सबसे ऊँची उड़ान भर रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता हमारे प्रश्नों का उत्तर दे रही है, अंतरिक्ष में नई दुनिया बसाने के सपने देखे जा रहे हैं, और विकास की नई-नई कहानियाँ लिखी जा रही हैं। लेकिन एक प्रश्न आज भी हमारे सामने खड़ा है—क्या हम सचमुच इंसान बन पाए हैं?

दुनिया के अनेक हिस्सों में बच्चे मलबे के नीचे दबे हैं, माताएँ अपने लालों के बिछुड़ने पर विलाप कर रही हैं, लाखों लोग युद्ध, भूख, नफ़रत और विस्थापन का जीवन जी रहे हैं। लेकिन दुनिया का एक बड़ा हिस्सा इन दृश्यों को केवल मोबाइल की स्क्रीन पर देखकर अगले ही पल भूल जाता है।

यह केवल युद्ध की त्रासदी नहीं, यह सोई हुई अंतरात्मा की त्रासदी है।

जिस दिन किसी इंसान की कीमत उसके धर्म, जाति, नस्ल, भाषा या पासपोर्ट से तय होने लगे, उसी दिन सभ्यता अपनी आत्मा खोने लगती है। अन्याय केवल वही नहीं करता जो हथियार उठाता है; अन्याय वह भी करता है जो सच जानते हुए चुप रहता है, जो सुविधा के लिए न्याय से मुँह मोड़ लेता है, और जो मानव जीवन को राजनीतिक हितों के तराज़ू में तौलता है।

आज दुनिया को नए हथियारों से अधिक एक नई अंतरात्मा की आवश्यकता है। हमें ऐसी राजनीति चाहिए जो वोटों से पहले इंसानों को देखे, ऐसी अर्थव्यवस्था चाहिए जो मुनाफ़े से पहले भूखे पेट की चिंता करे, और ऐसा समाज चाहिए जहाँ किसी बच्चे की चीख़ सीमाओं में बाँटकर न सुनी जाए।

यदि आज भी हम इंसान को इंसान न समझ सके, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमसे पूछेंगी—जब इंसानियत लहूलुहान थी, तब तुम कहाँ खड़े थे?

आइए, अपने भीतर एक शांत लेकिन गहरा परिवर्तन लाएँ। नफ़रत की जगह प्रेम, प्रतिशोध की जगह न्याय, पूर्वाग्रह की जगह सम्मान और मौन की जगह सत्य की आवाज़ को स्थान दें।

राष्ट्र केवल शक्ति से महान नहीं बनते; वे अपनी जीवित अंतरात्मा से महान बनते हैं। और इंसानियत तभी जीवित रहती है जब किसी अजनबी का दर्द भी अपना दर्द महसूस होने लगे।

आज सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं कि दुनिया कहाँ जा रही है, बल्कि यह है कि हमारे दिल कहाँ जा रहे हैं।

Akbar Zahid

Publisher and Editor in Chief for Alif News Bilingual Online Daily News Paper

SUBSCRIBE US

It is a long established fact that a reader will be distracted by the readable content of a page when looking at its layout. The point of using Lorem Ipsum is that it has a more-or-less normal distribution

Copyright BlazeThemes. 2023

Discover more from Alif News الف نیوز : مدیرِ اعلٰی: سیّد اکبر زاہد

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading